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सरकार ने पुल नही बनवाया तो ग्राम प्रधान में पुल बनाने की ठानी रखा नींव

देवरिया में ग्राम प्रधान ने पुल बनवाने की ठानी किया भूमि पूजन, बारिश में किसानों-छात्रों को होती है परेसानी

देवरिया के आखिरी पूर्वी छोर पर बनकटा विकास खंड के कड़सरवा बुजुर्ग में महाल नदी स्याही पर पुल बनाने की मांग नहीं पूरी होने पर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने पुल बनाने की ठानी है।

इसके लिए ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की उपस्थिति में भाजपा नेता अश्वनी सिंह ने भूमि पूजन कर निमार्ण की आधार शिला रखी।

पुल के निर्माण से आधा दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन सुगम होगा। वहीं सैकड़ों की संख्या में प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट, स्नातक की पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्र छात्राओं को काफी सहूलियत होगी।

जिले के आखिरी पूर्वी छोर बिहार से लगे बनकटा ब्लॉक के कड़सरवा बुजुर्ग गांव से होकर महाल नदी स्याही बहती है। बरसात के दिनों में नदी पार करना मुश्किल होता है, जबकि आमदिनों में भी छात्र छात्राओं को अपने कपड़े समेट कर नदी को पार करना पड़ता है। छात्राओं के लिए यह क्षण काफी लज्जाजनक होता है। वहीं बरसात के दिन में किसान नदी पार अपने खेतों में नहीं जा पाते है।

किसी जनप्रतिनिधि द्वारा ग्रामीणों और छात्र छात्राओं की समस्या पर ध्यान नहीं दिए जाने पर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने 20 मीटर पुल बनाने का निश्चय किया है। इसके लिए कड़सरवा बुजुर्ग के ग्राम प्रधान राजेश कुशवाहा ने निर्माण के लिए मन बनाया है। ग्रामीणों और भाजपा नेता अश्वनी सिंह ने भी इसमें योगदान करने की बात कही है।

भाजपा नेता अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि लगभग आधा दर्जन गांवों के किसानों और छात्र छात्राओं के लिए पुल का निर्माण जरूरी है। बरसात के दिनों में छात्राएं नदी पार कर कैसे स्कूल जाती हैं इसे शब्दों में नहीं कहा जा सकता है। ग्राम प्रधान द्वारा किया जा रहा यह प्रयास सराहनीय है।

वहीं कड़सरवा बुजुर्ग गांव के प्रधान राजेश कुशवाहा ने बताया कि कड़सरवा बुजुर्ग, नवादा, सिसवनिया, लंगड़ा टोला, बंगरा, लोहारी बारी,करौंदा, कौशलपुर, पिपरा दक्षिण पट्टी के लोगों को आवागमन में आसानी होगी। बरसात के दिनों में पानी भर जाने पर लगभग दो किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता था। पुल बन जाने से हर मौसम में आवागमन आसान होजाएगा।

 

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